अरावली पर्वतमाला राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण भौतिक संरचना है। यह न केवल राज्य को दो प्राकृतिक भागों में विभाजित करती है, बल्कि जलवायु, वर्षा, नदियों, मिट्टी, वनस्पति, खनिज एवं मानव बसावट पर भी गहरा प्रभाव डालती है।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से यह विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमालाओं में से एक है। करोड़ों वर्षों के अपरदन के कारण आज यह एक अवशिष्ट पर्वत (Residual Mountain) के रूप में विद्यमान है।
'अरावली' शब्द का अर्थ सामान्यतः शिखरों/पर्वतों की शृंखला माना जाता है। ऐतिहासिक ग्रंथों में इसे अबूंदाचल (विशेषकर माउंट आबू क्षेत्र) से भी जोड़ा गया है।
✧ ये चट्टानें खनिज संपदा का आधार हैं।
अरावली पर्वतमाला का विस्तार गुजरात के पालनपुर क्षेत्र से प्रारम्भ होकर राजस्थान, हरियाणा होते हुए दिल्ली तक माना जाता है।
| बिंदु (Point) | विवरण (Details) |
|---|---|
| विस्तार दिशा (Direction) | दक्षिण-पश्चिम → उत्तर-पूर्व (South-West → North-East) |
| राज्य के क्षेत्रफल में भाग | लगभग 9% |
| राज्य की जनसंख्या में भाग | लगभग 10% |
| प्रमुख जिले (Districts) | सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, पाली (आंशिक), अजमेर, जयपुर (आंशिक), अलवर |
| सर्वोच्च चोटी (Highest Peak) | गुरु शिखर (1722 मीटर) — माउंट आबू (सिरोही) |
अरावली राजस्थान को दो अपवाह क्षेत्रों में विभाजित करती है —
अरावली की उपस्थिति पश्चिम से आने वाली रेत के विस्तार को कुछ सीमा तक रोकती है।
राजस्थान के अधिकांश प्रमुख धात्विक एवं अधात्विक खनिज अरावली क्षेत्र में पाए जाते हैं।
✧ ये महत्वपूर्ण वन क्षेत्र अरावली से जुड़े हैं।
पूर्वी ढाल पर अपेक्षाकृत उपजाऊ भूमि एवं अधिक वर्षा के कारण कृषि विकसित हुई है।
राजस्थान में अरावली पर्वतमाला को स्थलाकृति, ऊँचाई, चौड़ाई, पर्वतीय संरचना तथा विस्तार के आधार पर तीन भागों में विभाजित किया जाता है —
| भाग (Part) | विस्तार (Extent) | प्रमुख जिले | विशेषता (Characteristic) | सर्वोच्च चोटी |
|---|---|---|---|---|
| उत्तरी अरावली | सांभर झील से खेतड़ी (झुंझुनूं) एवं दिल्ली तक | जयपुर, दौसा, अलवर, सीकर, झुंझुनूं | निम्न ऊँचाई, खंडित पहाड़ियाँ | रघुनाथगढ़ (1055 मी.) |
| मध्य अरावली | सांभर झील से देवारी घाटी (उदयपुर) | अजमेर, पाली, राजसमंद | अरावली का न्यूनतम विस्तार, दरों की अधिकता | तारागढ़/नाग पहाड़ क्षेत्र |
| दक्षिणी अरावली | देवारी घाटी से सिरोही—माउंट आबू एवं गुजरात सीमा तक | उदयपुर, राजसमंद, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा | सर्वाधिक ऊँचाई, सर्वाधिक वन एवं वर्षा | गुरु शिखर (1722 मी.) |
विस्तार: सांभर झील से खेतड़ी (झुंझुनूं) — अलवर — दिल्ली (रायसीना हिल) तक।
जिले: जयपुर, दौसा, अलवर, सीकर, झुंझुनूं
| चोटी (Peak) | जिला | ऊँचाई (मी.) |
|---|---|---|
| रघुनाथगढ़ | सीकर | 1055 |
| हर्ष | सीकर | 1052 |
| खोह | जयपुर | 920 |
| बैराठ | जयपुर | 704 |
विस्तार: सांभर झील से देवारी घाटी (उदयपुर) तक।
जिले: अजमेर, पाली, राजसमंद
✧ मध्य अरावली = दर्रों का प्रदेश
विस्तार: देवारी घाटी से सिरोही — माउंट आबू — गुजरात सीमा तक।
जिले: उदयपुर, राजसमंद, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा
| चोटी (Peak) | जिला | ऊँचाई (मी.) |
|---|---|---|
| गुरु शिखर | सिरोही | 1722 |
| सेर | सिरोही | 1597 |
| दिलवाड़ा | सिरोही | 1442 |
| जरगा | उदयपुर | 1431 |
| अचलगढ़ | सिरोही | 1380 |
| कुम्भलगढ़ | राजसमंद | 1224 |
| सज्जनगढ़ | उदयपुर | 938 |
| आधार (Basis) | उत्तरी (Northern) | मध्य (Central) | दक्षिणी (Southern) |
|---|---|---|---|
| ऊँचाई (Elevation) | कम (Low) | मध्यम (Medium) | सर्वाधिक (Highest) |
| वर्षा (Rainfall) | कम (Low) | मध्यम (Medium) | सर्वाधिक (Highest) |
| वन (Forest) | कम (Low) | मध्यम (Medium) | सर्वाधिक (Highest) |
| पर्यटन (Tourism) | मध्यम (Medium) | अधिक (High) | अत्यधिक (Very High) |
| प्रमुख खनिज | ताँबा (Copper) | संगमरमर (Marble) | ग्रेनाइट, संगमरमर |
| सर्वोच्च चोटी | रघुनाथगढ़ | तारागढ़ क्षेत्र | गुरु शिखर |
"उत्तर-रघुनाथ, मध्य-दर, दक्षिण-गुरु।"
इस भाग से प्रत्येक 2–3 वर्ष में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष प्रश्न पूछे जाते हैं। केवल "गुरु शिखर" याद करना पर्याप्त नहीं है; Top Peaks, जिलावार चोटियाँ तथा ऊँचाई का क्रम भी महत्वपूर्ण है।
| Rank | चोटी (Peak) | जिला (District) | ऊँचाई (मी.) | विशेषता (Specialty) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | गुरु शिखर | सिरोही | 1722 | राजस्थान एवं अरावली की सर्वोच्च चोटी |
| 2 | सेर | सिरोही | 1597 | राजस्थान की दूसरी सर्वोच्च चोटी |
| 3 | दिलवाड़ा | सिरोही | 1442 | माउंट आबू क्षेत्र |
| 4 | जरगा | उदयपुर | 1431 | उदयपुर जिले की सर्वोच्च चोटी |
| 5 | अचलगढ़ | सिरोही | 1380 | ऐतिहासिक दुर्ग एवं धार्मिक महत्व |
| 6 | आबू पर्वत | सिरोही | 1295 | माउंट आबू का प्रमुख उच्च भाग |
| 7 | कुम्भलगढ़ | राजसमंद | 1224 | कुम्भलगढ़ दुर्ग क्षेत्र |
| 8 | धोनिया | सिरोही | 1183 | दक्षिणी अरावली |
| 9 | ऋषिकेश | सिरोही | 1090-1017 | दक्षिणी अरावली |
| 10 | कमलनाथ | उदयपुर | 1001 | धार्मिक महत्व |
| 11 | सज्जनगढ़ | उदयपुर | 938 | मानसून पैलेस |
| 12 | गोरमजी/टाटगढ़ | अजमेर | 933 | मध्य अरावली |
| 13 | खोह | जयपुर | 920 | जयपुर जिले की सर्वोच्च चोटी |
| 14 | सायरा | उदयपुर | 900 | दक्षिणी अरावली |
| जिला (District) | सर्वोच्च चोटी (Highest Peak) | ऊँचाई (मी.) |
|---|---|---|
| सिरोही | गुरु शिखर | 1722 |
| उदयपुर | जरगा | 1431 |
| राजसमंद | कुम्भलगढ़ | 1224 |
| सीकर | रघुनाथगढ़ | 1055 |
| जयपुर | खोह | 920 |
| अजमेर | गोरमजी/टाटगढ़ | 933 |
"गुरु से दिल जीता, अचल कुम्भ सजा"
(गुरु → सेर → दिलवाड़ा → जरगा → अचलगढ़ → कुम्भलगढ़ → सज्जनगढ़)
राजस्थान में सर्वाधिक प्रमुख दर्रे राजसमंद एवं पाली-उदयपुर क्षेत्र में पाए जाते हैं।
| दरा / नाल (Pass) | जिला (District) | किन क्षेत्रों को जोड़ता है | विशेषता (Specialty) |
|---|---|---|---|
| हल्दीघाटी | राजसमंद | मेवाड़-मारवाड़ | 1576 का प्रसिद्ध युद्ध |
| देसूरी दरा | पाली | मारवाड़-मेवाड़ | सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग |
| सोमेश्वर नाल | पाली | पाली-उदयपुर | ऐतिहासिक आवागमन |
| हाथीगुडा नाल | पाली-उदयपुर | मेवाड़-मारवाड़ | सामरिक महत्व |
| जीलवाड़ा (झीलवाड़ा) दरा | राजसमंद | मारवाड़-मेवाड़ | प्रमुख मार्ग |
| पीपली दरा | राजसमंद | स्थानीय संपर्क | राजस्थान का सबसे ऊँचा प्रमुख दर्रा (~821 मी.) |
| गोरमघाट | राजसमंद | राजसमंद-पाली | पर्यटन एवं हेरिटेज रेलमार्ग |
पाली जिला
✧ मारवाड़ और मेवाड़ को जोड़ने वाला प्रमुख दर्रा — देसूरी।
| प्रश्न (Question) | उत्तर (Answer) |
|---|---|
| सबसे प्रसिद्ध दर्रा | हल्दीघाटी |
| महाराणा प्रताप का युद्ध | हल्दीघाटी |
| मारवाड़-मेवाड़ का प्रमुख व्यापारिक मार्ग | देसूरी |
| पर्यटन हेतु प्रसिद्ध घाट | गोरमघाट |
| हाथीगुडा नाल | पाली-उदयपुर |
"हल्दी-देसूरी-सोम-हाथी-गोरम-पीपली"
RPSC, REET, SI, Patwar, 2nd Grade, Forest Guard आदि परीक्षाओं में जिलावार पहाड़ियाँ से अनेक बार प्रश्न पूछे गए हैं।
✧ राजस्थान का सबसे अधिक ऊँचाई वाला जिला (अरावली क्षेत्र की दृष्टि से)
✧ सर्वाधिक पहाड़ी भू-भाग
✧ नाग पहाड़ अजमेर एवं पुष्कर को अलग करता है।
| जिला (District) | प्रमुख पहाड़ी (Hill) |
|---|---|
| सिरोही | गुरु शिखर |
| उदयपुर | जरगा |
| राजसमंद | कुम्भलगढ़ |
| अजमेर | तारागढ़ |
| जयपुर | खोह |
| सीकर | रघुनाथगढ़ |
| झुंझुनूं | खेतड़ी |
| अलवर | सरिस्का |
| जोधपुर | मेहरानगढ़ |
| जैसलमेर | त्रिकूट |
| जालौर | जालौर पहाड़ी |
"गुरु-जरगा-कुम्भ-खोह-रघु-खेतड़ी"
सिरोही → उदयपुर → राजसमंद → जयपुर → सीकर → झुंझुनूं
अरावली पर्वतमाला में करोड़ों वर्षों के अपक्षय (Weathering) एवं अपरदन (Erosion) के कारण अनेक विशिष्ट भू-आकृतियाँ विकसित हुई हैं।
परिभाषा: चारों ओर पहाड़ियों से घिरा हुआ समतल अथवा कटोरेनुमा मैदान।
प्रमुख उदाहरण: उदयपुर का गिरवा
✧ उदयपुर नगर गिरवा क्षेत्र में विकसित हुआ है।
परिभाषा: अरावली की लंबी, संकरी एवं पथरीली पहाड़ी शृंखलाएँ।
प्रमुख क्षेत्र: पाली, राजसमंद, सिरोही
✧ मगरा क्षेत्र में कृषि की अपेक्षा पशुपालन अधिक विकसित है।
परिभाषा: अरावली की छोटी, ऊबड़-खाबड़ एवं खड़ी ढाल वाली पहाड़ियाँ।
प्रमुख क्षेत्र: उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा
परिभाषा: दो पर्वतों के बीच का नीचा भाग, जहाँ से नदी बहती है।
प्रमुख उपत्यकाएँ: उदयपुर क्षेत्र, कुम्भलगढ़ क्षेत्र, माउंट आबू क्षेत्र
परिभाषा: दो पहाड़ियों के बीच प्राकृतिक संकरा मार्ग।
प्रमुख नाल: हल्दीघाटी, देसूरी, हाथीगुडा, सोमेश्वर, जीलवाड़ा
परिभाषा: अपरदन के कारण बनी हुई खड़ी ढाल।
परिभाषा: समतल शीर्ष एवं खड़ी ढाल वाली अवशिष्ट पहाड़ी।
निर्माण: अपरदन, कोर चट्टानें
अरावली करोड़ों वर्षों के अपरदन के कारण आज अवशिष्ट पर्वतमाला के रूप में विद्यमान है।
| भू-आकृति (Landform) | प्रमुख क्षेत्र (Area) | विशेषता (Characteristic) |
|---|---|---|
| गिरवा | उदयपुर | कटोरेनुमा मैदान |
| मगरा | पाली-राजसमंद | पथरीली पहाड़ियाँ |
| भाकर | डूंगरपुर-बांसवाड़ा | ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियाँ |
| उपत्यका | उदयपुर | नदी घाटी |
| नाल | अरावली | प्राकृतिक मार्ग |
| स्कार्प | दक्षिणी अरावली | खड़ी ढाल |
| मेसा | संरचनात्मक क्षेत्र | समतल शीर्ष |
अरावली पर्वतमाला केवल एक पर्वत शृंखला नहीं है, बल्कि यह राजस्थान के भौतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक स्वरूप की आधारशिला है।
अरावली की दिशा मानसून के लगभग समानांतर है। यही पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा का एक प्रमुख कारण है।
| क्षेत्र (Region) | औसत वर्षा (Rainfall) |
|---|---|
| दक्षिणी अरावली | सर्वाधिक |
| पूर्वी राजस्थान | अपेक्षाकृत अधिक |
| पश्चिमी राजस्थान | न्यूनतम |
अरावली राजस्थान को दो भागों में बाँटती है —
| नदी (River) | अंतिम प्रवाह (Termination) |
|---|---|
| लूणी | कच्छ का रण |
| साबरमती | खंभात की खाड़ी |
| माही | खंभात की खाड़ी |
| बनास | चम्बल |
| चम्बल | यमुना |
| कालीसिंध, पार्वती, परवन | चम्बल |
| नदी (River) | उद्गम क्षेत्र | प्रवाह दिशा |
|---|---|---|
| बनास | अरावली (राजसमंद क्षेत्र) | पूर्व |
| साबरमती | उदयपुर क्षेत्र | दक्षिण-पश्चिम |
| पश्चिमी बनास | सिरोही | दक्षिण-पश्चिम |
| लूणी | नाग पहाड़ (अजमेर) | पश्चिम |
| आधार (Basis) | पूर्वी ढाल | पश्चिमी ढाल |
|---|---|---|
| वर्षा (Rainfall) | अधिक | कम |
| नदियाँ (Rivers) | अपेक्षाकृत बारहमासी | अधिकांश मौसमी |
| कृषि (Agriculture) | विकसित | सीमित |
| जल उपलब्धता | अधिक | कम |
अरावली पर्वतमाला को "राजस्थान का खनिज भंडार" कहा जाता है। राज्य के अधिकांश धात्विक (Metallic) एवं अनेक अधात्विक (Non-metallic) खनिज इसी क्षेत्र में पाए जाते हैं।
राजस्थान भारत के अग्रणी खनिज उत्पादक राज्यों में गिना जाता है।
| खनिज (Mineral) | प्रमुख क्षेत्र (Area) | जिला (District) | उपयोग (Use) |
|---|---|---|---|
| ताँबा (Copper) | खेतड़ी बेल्ट | झुंझुनूं | विद्युत, मिश्रधातु |
| जस्ता (Zinc) | जावर | उदयपुर | गैल्वेनाइजेशन |
| सीसा (Lead) | जावर | उदयपुर | बैटरी उद्योग |
| चाँदी (Silver) | जावर क्षेत्र (सह-उत्पाद) | उदयपुर | आभूषण |
| लौह अयस्क (Iron Ore) | सीमित क्षेत्र | उदयपुर/भीलवाड़ा | इस्पात |
| खनिज (Mineral) | प्रमुख क्षेत्र (Area) | जिला (District) | उपयोग (Use) |
|---|---|---|---|
| संगमरमर (Marble) | राजसमंद | राजसमंद | भवन निर्माण, मूर्तिकला |
| ग्रेनाइट (Granite) | जालौर | जालौर | निर्माण, निर्यात |
| फेल्सपार (Feldspar) | अजमेर | अजमेर | काँच, सिरेमिक |
| क्वार्ट्ज (Quartz) | अजमेर–भीलवाड़ा | विभिन्न | काँच, इलेक्ट्रॉनिक्स |
| अभ्रक (Mica) | भीलवाड़ा | भीलवाड़ा | विद्युत, सजावट |
| चूना पत्थर (Limestone) | उदयपुर, चित्तौड़गढ़ | विभिन्न | सीमेंट उद्योग |
✧ खेतड़ी = ताँबा (झुंझुनूं जिला)
✧ जावर = जस्ता (उदयपुर जिला)
| क्षेत्र (Area) | प्रमुख खनिज (Mineral) |
|---|---|
| खेतड़ी | ताँबा (Copper) |
| जावर | जस्ता, सीसा (Zinc, Lead) |
| राजसमंद | संगमरमर (Marble) |
| जालौर | ग्रेनाइट (Granite) |
| अजमेर | फेल्सपार (Feldspar) |
| भीलवाड़ा | अभ्रक (Mica) |
अरावली पर्वतमाला राजस्थान की जैव विविधता (Biodiversity) का सबसे समृद्ध क्षेत्र है।
| वन प्रकार (Forest Type) | क्षेत्र (Area) | प्रमुख वृक्ष |
|---|---|---|
| उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन | उदयपुर, राजसमंद, पाली | ढोक, खैर |
| उष्णकटिबंधीय कंटीले वन | अलवर, जयपुर | बबूल, कीकर |
| मिश्रित पर्णपाती वन | सिरोही, माउंट आबू | सालर, ढोक |
| अर्द्ध-सदाबहार प्रभाव क्षेत्र | माउंट आबू | बाँस, जामुन, आम |
अरावली क्षेत्र का प्रमुख प्राकृतिक वृक्ष माना जाता है।
| वन्यजीव | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|
| बाघ (Tiger) | सरिस्का, कुम्भलगढ़, मुकंदरा |
| तेंदुआ (Leopard) | सम्पूर्ण अरावली |
| भालू (Bear) | दक्षिणी अरावली |
| लकड़बग्घा (Hyena) | मध्य अरावली |
| सांभर (Sambar) | सम्पूर्ण अरावली |
| चीतल (Spotted Deer) | दक्षिणी अरावली |
| चिंकारा (Chinkara) | उत्तरी अरावली |
| जंगली सूअर | दक्षिणी क्षेत्र |
| अभयारण्य (Sanctuary) | जिला (District) | विशेषता (Specialty) |
|---|---|---|
| माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य | सिरोही | पर्वतीय वन, जैव विविधता |
| कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य | राजसमंद–पाली–उदयपुर | भेड़िया, तेंदुआ |
| सरिस्का टाइगर रिजर्व | अलवर | बाघ, तेंदुआ |
| सीतामाता अभयारण्य | प्रतापगढ़–चित्तौड़गढ़ | जैव विविधता |
| टॉडगढ़-रावली | अजमेर–पाली–राजसमंद | वन्यजीव कॉरिडोर |
| फुलवारी की नाल | उदयपुर | समृद्ध वनस्पति |
| विषय (Topic) | प्रमुख तथ्य (Fact) |
|---|---|
| प्रमुख वृक्ष (Tree) | ढोक (Dhok) |
| प्रमुख अभयारण्य (Sanctuary) | सरिस्का (Sariska) |
| प्रमुख पर्वतीय अभयारण्य | माउंट आबू |
| प्रमुख जैव विविधता क्षेत्र | दक्षिणी अरावली |
| प्रमुख चुनौती (Challenge) | अवैध खनन |
अरावली पर्वतमाला के बीच अनेक घाटियाँ, गिरवा, पठार, मगरा, भाकर, नाल एवं प्राकृतिक अवसाद विकसित हुए हैं।
| भू-आकृति (Landform) | प्रमुख क्षेत्र (Area) | विशेषता (Characteristic) |
|---|---|---|
| गिरवा | उदयपुर | चारों ओर पहाड़ियों से घिरा मैदान |
| मगरा | पाली–राजसमंद | लंबी पथरीली पहाड़ियाँ |
| भाकर | डूंगरपुर–बांसवाड़ा | ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियाँ |
| उपत्यका | उदयपुर, कुम्भलगढ़ | नदी घाटी |
| नाल | अरावली क्षेत्र | प्राकृतिक मार्ग |
| पठारी क्षेत्र | आबू, कुम्भलगढ़ | ऊँचा समतल भाग |
"गुरु से दिल जीता, अचल कुम्भ सजा"
गुरु → सेर → दिलवाड़ा → जरगा → अचलगढ़ → कुम्भलगढ़ → सज्जनगढ़
"हल्दी-देसूरी-सोम-हाथी-गोरम-पीपली"
"उत्तर-रघुनाथ, मध्य-दर, दक्षिण-गुरु"
"गुरु-जरगा-कुम्भ-खोह-रघु-खेतड़ी"
सिरोही → उदयपुर → राजसमंद → जयपुर → सीकर → झुंझुनूं
| भ्रम (Confusion) | वास्तविकता (Reality) |
|---|---|
| अरावली मानसून को रोकती है | अरावली मानसून के समानांतर है, इसलिए नहीं रोकती |
| सर्वोच्च चोटी — सेर | सर्वोच्च चोटी — गुरु शिखर (1722 मी.) |
| उत्तरी अरावली की सर्वोच्च — गुरु शिखर | उत्तरी अरावली की सर्वोच्च — रघुनाथगढ़ |
| मध्य अरावली — सर्वाधिक ऊँचा | दक्षिणी अरावली — सर्वाधिक ऊँचा |
| खेतड़ी — जस्ता | खेतड़ी — ताँबा |
| जावर — संगमरमर | जावर — जस्ता |
| हल्दीघाटी — पाली | हल्दीघाटी — राजसमंद |
| देसूरी — राजसमंद | देसूरी — पाली |